गाय पालन

गाय पालन प्रशिक्षण कार्यक्रम (5 दिवसीय प्रशिक्षण)

प्रथम दिवस:
प्रशिक्षण के पहले दिन प्रतिभागियों को वैज्ञानिक गाय पालन की मूलभूत जानकारी दी जाएगी। इसमें गाय पालन का महत्व, देशी एवं उन्नत नस्लों की पहचान, नस्ल चयन के मापदंड, डेयरी व्यवसाय की संभावनाएं तथा पशु आवास (शेड) की वैज्ञानिक संरचना के बारे में विस्तार से बताया जाएगा। साथ ही स्वच्छता एवं पशु कल्याण संबंधी आवश्यक उपायों की जानकारी प्रदान की जाएगी।

द्वितीय दिवस:
दूसरे दिन गायों के संतुलित पोषण एवं चारा प्रबंधन पर प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रतिभागियों को हरे चारे, सूखे चारे, साइलेंज, भूसा एवं दाना मिश्रण की जानकारी दी जाएगी। पशुओं की पोषण आवश्यकताओं के अनुसार आहार तैयार करने, खनिज मिश्रण एवं स्वच्छ पेयजल के महत्व तथा चारा उत्पादन तकनीकों का व्यावहारिक ज्ञान कराया जाएगा।

तृतीय दिवस:
तीसरे दिन पशु स्वास्थ्य प्रबंधन एवं रोग नियंत्रण विषय पर प्रशिक्षण आयोजित किया जाएगा। इसमें सामान्य रोगों की पहचान, टीकाकरण कार्यक्रम, कृमिनाशन, प्राथमिक उपचार, स्वच्छ दुग्ध उत्पादन तथा रोगों की रोकथाम के उपायों की जानकारी दी जाएगी। पशु चिकित्सकीय सेवाओं के उपयोग एवं आपातकालीन देखभाल पर भी विशेष चर्चा की जाएगी।

चतुर्थ दिवस:
चौथे दिन दुग्ध उत्पादन एवं प्रजनन प्रबंधन पर प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रतिभागियों को दूध दुहने की वैज्ञानिक विधि, दूध की गुणवत्ता बनाए रखने के उपाय, हीट (गर्मी) के लक्षणों की पहचान, कृत्रिम गर्भाधान, गर्भावस्था देखभाल, बछड़ा प्रबंधन तथा दुग्ध उत्पादन बढ़ाने की तकनीकों का व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा।

पंचम दिवस:
प्रशिक्षण के अंतिम दिन डेयरी उद्यमिता एवं व्यवसाय प्रबंधन पर विशेष सत्र आयोजित किया जाएगा। इसमें डेयरी परियोजना तैयार करना, लागत एवं लाभ का आकलन, सरकारी योजनाओं एवं ऋण सुविधाओं की जानकारी, दूध विपणन, सहकारी समितियों से जुड़ाव तथा सफल डेयरी उद्यम स्थापित करने के लिए आवश्यक प्रबंधन कौशल विकसित किए जाएंगे। प्रशिक्षण के अंत में प्रतिभागियों का मूल्यांकन एवं प्रमाण-पत्र वितरण किया जाएगा।

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