Cooperative Management

Cooperative Management (सहकारी प्रबंधन) – 1 से 3 माह का प्रशिक्षण कार्यक्रम

Gramshree Kisan School द्वारा संचालित Cooperative Management Training Program का उद्देश्य प्रतिभागियों को सहकारी समितियों के गठन, संचालन, प्रशासन, वित्तीय प्रबंधन, नेतृत्व विकास, व्यवसाय प्रबंधन एवं सदस्य सशक्तिकरण से संबंधित व्यावहारिक एवं व्यावसायिक ज्ञान प्रदान करना है। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम किसानों, सहकारी समिति के पदाधिकारियों, प्रबंधकों, स्वयं सहायता समूहों (SHGs), ग्रामीण उद्यमियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं तथा युवाओं के लिए विशेष रूप से तैयार किया गया है। कार्यक्रम की अवधि 1 से 3 माह तक रखी जा सकती है, जिसमें थ्योरी, प्रायोगिक प्रशिक्षण, केस स्टडी, समूह चर्चा, फील्ड विजिट एवं परियोजना कार्य शामिल होंगे।

प्रशिक्षण के प्रथम मॉड्यूल में सहकारिता की अवधारणा, इतिहास, सिद्धांत एवं ग्रामीण विकास में इसकी भूमिका पर विस्तृत जानकारी दी जाएगी। प्रतिभागियों को सहकारी समितियों के विभिन्न प्रकार जैसे कृषि सहकारी समिति, दुग्ध सहकारी समिति, उपभोक्ता सहकारी समिति, बहुउद्देशीय सहकारी समिति एवं श्रमिक सहकारी समिति के बारे में जानकारी प्रदान की जाएगी। साथ ही सहकारी समिति के गठन, पंजीकरण, उपनियम (By-Laws), सदस्यता प्रक्रिया एवं कानूनी ढांचे की समझ विकसित की जाएगी।

दूसरे मॉड्यूल में सहकारी समिति के प्रशासन एवं सुशासन (Governance) पर प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसमें प्रबंधन समिति, अध्यक्ष, सचिव, प्रबंधक एवं अन्य पदाधिकारियों की भूमिका एवं जिम्मेदारियों को समझाया जाएगा। प्रतिभागियों को बैठक संचालन, निर्णय लेने की प्रक्रिया, नेतृत्व विकास, टीम प्रबंधन, सदस्य सहभागिता एवं विवाद समाधान (Conflict Resolution) जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा ताकि वे सहकारी संस्थाओं का प्रभावी संचालन कर सकें।

वित्तीय प्रबंधन मॉड्यूल के अंतर्गत लेखांकन, बहीखाता, नकद पुस्तक, बजट निर्माण, वित्तीय योजना, बैंकिंग प्रक्रिया, ऋण प्रबंधन, ऑडिट एवं वित्तीय रिपोर्टिंग की विस्तृत जानकारी दी जाएगी। प्रतिभागियों को सहकारी समिति के वित्तीय संसाधनों का प्रभावी उपयोग, लाभ-हानि विश्लेषण तथा वित्तीय पारदर्शिता बनाए रखने की तकनीकों से भी परिचित कराया जाएगा। इसके अतिरिक्त सरकारी योजनाओं, अनुदानों एवं वित्तीय संस्थानों से सहायता प्राप्त करने की प्रक्रियाओं पर भी प्रशिक्षण दिया जाएगा।

व्यवसाय प्रबंधन एवं उद्यम विकास मॉड्यूल में सहकारी समिति के माध्यम से आय सृजन गतिविधियों, सामूहिक खरीद एवं बिक्री, कृषि उत्पादों के विपणन, भंडारण, प्रसंस्करण, मूल्य संवर्धन एवं आपूर्ति श्रृंखला प्रबंधन (Supply Chain Management) के बारे में जानकारी प्रदान की जाएगी। प्रतिभागियों को व्यवसाय योजना (Business Plan) तैयार करना, लागत एवं लाभ विश्लेषण, जोखिम प्रबंधन एवं बाजार अवसरों की पहचान करना भी सिखाया जाएगा।

विपणन एवं सदस्य सेवा प्रबंधन मॉड्यूल के अंतर्गत ब्रांडिंग, पैकेजिंग, ग्राहक सेवा, बाजार अनुसंधान, डिजिटल मार्केटिंग, सोशल मीडिया प्रचार एवं ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म के उपयोग की जानकारी दी जाएगी। साथ ही सदस्य संतुष्टि, सदस्यता विस्तार, जनसंपर्क एवं सामुदायिक सहभागिता को मजबूत करने की रणनीतियों पर भी प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा।

डिजिटल सहकारी प्रबंधन मॉड्यूल में डिजिटल रिकॉर्ड प्रबंधन, सदस्य डेटा प्रबंधन, कंप्यूटर आधारित लेखांकन, MIS (Management Information System), ऑनलाइन रिपोर्टिंग एवं डिजिटल संचार उपकरणों के उपयोग का प्रशिक्षण दिया जाएगा। इससे प्रतिभागी आधुनिक तकनीकों की सहायता से सहकारी समिति के संचालन को अधिक प्रभावी एवं पारदर्शी बना सकेंगे।

प्रशिक्षण के अंतिम चरण में सफल सहकारी समितियों का अध्ययन, फील्ड विजिट, अनुभव साझा सत्र, परियोजना रिपोर्ट तैयार करना एवं व्यवसाय प्रस्तुति आयोजित की जाएगी। प्रतिभागियों को एक सहकारी समिति के लिए संपूर्ण प्रबंधन एवं व्यवसाय विकास योजना तैयार करने का अवसर मिलेगा, जिससे उनके व्यावहारिक कौशल एवं आत्मविश्वास में वृद्धि होगी।

प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूर्ण करने वाले प्रतिभागियों को “Certificate in Cooperative Management” प्रदान किया जाएगा। इस कार्यक्रम के माध्यम से प्रशिक्षित प्रतिभागी सहकारी समिति प्रबंधक, सचिव, परियोजना समन्वयक, ग्रामीण विकास कार्यकर्ता, कृषि व्यवसाय सलाहकार, सामुदायिक संगठक एवं उद्यमी के रूप में कार्य करने में सक्षम होंगे। यह प्रशिक्षण ग्रामीण आर्थिक विकास, सामूहिक उद्यमिता, वित्तीय समावेशन एवं सामाजिक सशक्तिकरण को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम सिद्ध होगा।

Gallery