Red Lady पपीता

रेड लेडी (Red Lady) पपीता खेती 5 दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम

प्रथम दिवस – रेड लेडी पपीता का परिचय एवं व्यावसायिक महत्व:
प्रशिक्षण के पहले दिन प्रतिभागियों को रेड लेडी (Red Lady 786) पपीता किस्म की विशेषताओं, उत्पादन क्षमता, बाजार मांग तथा व्यावसायिक संभावनाओं के बारे में विस्तृत जानकारी दी जाएगी। पपीता की खेती के लिए उपयुक्त जलवायु, मिट्टी, भूमि चयन तथा उच्च गुणवत्ता वाले बीज एवं पौध तैयार करने की तकनीकों पर चर्चा की जाएगी। साथ ही पपीता उत्पादन से आय बढ़ाने के अवसरों एवं सफल किसानों के अनुभवों को भी साझा किया जाएगा।

द्वितीय दिवस – नर्सरी प्रबंधन, भूमि तैयारी एवं रोपण तकनीक:
दूसरे दिन नर्सरी स्थापना, पौध तैयार करने की वैज्ञानिक विधियाँ, भूमि की तैयारी, गड्ढों का निर्माण, पौध रोपण की उचित दूरी एवं समय का प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रतिभागियों को पौधों की प्रारंभिक देखभाल, मल्चिंग, जल निकास व्यवस्था तथा पौध संरक्षण के उपायों की जानकारी प्रदान की जाएगी। साथ ही उच्च उत्पादन के लिए उन्नत रोपण तकनीकों का व्यावहारिक प्रदर्शन भी कराया जाएगा।

तृतीय दिवस – पोषण प्रबंधन एवं सिंचाई व्यवस्था:
तीसरे दिन रेड लेडी पपीता में संतुलित उर्वरक प्रबंधन, जैविक खादों का उपयोग, सूक्ष्म पोषक तत्वों की आवश्यकता तथा फर्टिगेशन तकनीक पर प्रशिक्षण दिया जाएगा। ड्रिप सिंचाई प्रणाली, जल प्रबंधन एवं पौधों की वृद्धि और फल उत्पादन बढ़ाने के वैज्ञानिक उपायों की जानकारी प्रदान की जाएगी। प्रतिभागियों को फसल की विभिन्न अवस्थाओं में पोषण प्रबंधन की तकनीकों से भी अवगत कराया जाएगा।

चतुर्थ दिवस – कीट एवं रोग प्रबंधन:
चौथे दिन पपीता की फसल में लगने वाले प्रमुख कीटों एवं रोगों जैसे मोजेक वायरस, पाउडरी मिल्ड्यू, फल सड़न तथा अन्य समस्याओं की पहचान एवं नियंत्रण के उपायों का प्रशिक्षण दिया जाएगा। एकीकृत कीट एवं रोग प्रबंधन (IPM), जैविक नियंत्रण विधियाँ, सुरक्षित कीटनाशक उपयोग एवं खेत स्वच्छता के महत्व पर विशेष चर्चा की जाएगी। प्रतिभागियों को रोगमुक्त एवं गुणवत्तापूर्ण उत्पादन प्राप्त करने की तकनीकों का व्यावहारिक ज्ञान भी दिया जाएगा।

पंचम दिवस – कटाई, विपणन एवं उद्यमिता विकास:
पाँचवें दिन फल की परिपक्वता पहचान, कटाई, ग्रेडिंग, पैकेजिंग, भंडारण एवं विपणन की आधुनिक तकनीकों का प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रतिभागियों को मूल्य संवर्धन, प्रसंस्करण, बाजार से जुड़ाव, लागत-लाभ विश्लेषण, परियोजना रिपोर्ट तैयार करना तथा सरकारी योजनाओं एवं वित्तीय सहायता की जानकारी प्रदान की जाएगी। प्रशिक्षण के अंत में मूल्यांकन, अनुभव साझा सत्र एवं प्रमाण-पत्र वितरण किया जाएगा ताकि प्रतिभागी रेड लेडी पपीता की व्यावसायिक खेती को सफलतापूर्वक अपनाकर अधिक उत्पादन एवं आय प्राप्त कर सकें।

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