बायोफ्लॉक / मछली पालन प्रशिक्षण कार्यक्रम (5 दिवसीय प्रशिक्षण)
प्रथम दिवस:
प्रशिक्षण के प्रथम दिन प्रतिभागियों को बायोफ्लॉक तकनीक एवं आधुनिक मत्स्य पालन की मूलभूत अवधारणाओं से परिचित कराया जाएगा। बायोफ्लॉक प्रणाली का परिचय, इसके लाभ, पारंपरिक मछली पालन एवं बायोफ्लॉक तकनीक के बीच अंतर, टैंक चयन, संरचना निर्माण, आवश्यक उपकरणों तथा सफल इकाई स्थापना की प्रक्रिया पर विस्तृत जानकारी दी जाएगी। साथ ही मत्स्य पालन में स्वरोजगार एवं उद्यमिता की संभावनाओं पर भी चर्चा की जाएगी।
द्वितीय दिवस:
दूसरे दिन बायोफ्लॉक टैंक एवं जल गुणवत्ता प्रबंधन पर प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रतिभागियों को जल की गुणवत्ता के प्रमुख मानकों जैसे pH, घुलित ऑक्सीजन, अमोनिया, तापमान एवं कार्बन-नाइट्रोजन अनुपात (C:N Ratio) के महत्व की जानकारी दी जाएगी। इसके साथ ही बायोफ्लॉक निर्माण, जल उपचार, एरेशन सिस्टम का संचालन तथा स्वस्थ जलीय वातावरण बनाए रखने की वैज्ञानिक तकनीकों का व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा।
तृतीय दिवस:
तीसरे दिन मत्स्य बीज चयन, संचयन एवं पोषण प्रबंधन पर विशेष प्रशिक्षण आयोजित किया जाएगा। प्रतिभागियों को गुणवत्तापूर्ण मत्स्य बीज की पहचान, उचित घनत्व पर संचयन, विभिन्न प्रजातियों के लिए उपयुक्त आहार प्रबंधन, फीडिंग तकनीक, पूरक पोषण तथा उत्पादन बढ़ाने के वैज्ञानिक उपायों की जानकारी दी जाएगी। साथ ही बायोफ्लॉक प्रणाली में फीड लागत कम करने की तकनीकों पर भी चर्चा की जाएगी।
चतुर्थ दिवस:
चौथे दिन मछलियों के स्वास्थ्य एवं रोग प्रबंधन पर प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसमें सामान्य रोगों की पहचान, रोकथाम एवं उपचार, जैव सुरक्षा उपाय, नियमित निगरानी, जलजनित रोग नियंत्रण तथा मृत्यु दर कम करने के लिए आवश्यक प्रबंधन तकनीकों का व्यावहारिक प्रशिक्षण शामिल होगा। प्रतिभागियों को स्वस्थ एवं उच्च उत्पादन वाली मत्स्य इकाई संचालित करने के उपाय भी सिखाए जाएंगे।
पंचम दिवस:
प्रशिक्षण के अंतिम दिन बायोफ्लॉक आधारित मत्स्य उद्यमिता एवं व्यवसाय प्रबंधन पर विशेष सत्र आयोजित किया जाएगा। इसमें परियोजना रिपोर्ट तैयार करना, लागत एवं लाभ विश्लेषण, सरकारी योजनाओं एवं वित्तीय सहायता की जानकारी, विपणन रणनीतियां, मूल्य संवर्धन, रिकॉर्ड प्रबंधन तथा सफल बायोफ्लॉक मत्स्य व्यवसाय स्थापित करने के लिए आवश्यक प्रबंधन कौशल विकसित किए जाएंगे। प्रशिक्षण के अंत में प्रतिभागियों का मूल्यांकन, अनुभव साझा सत्र एवं प्रमाण-पत्र वितरण किया जाएगा।