मालाबार नीम का वैज्ञानिक नाम Melia dubia है। यह सामान्य नीम से अलग एक तेजी से बढ़ने वाला इमारती पेड़ है। इसकी लकड़ी का उपयोग प्लाईवुड, पैकेजिंग, फर्नीचर, कागज उद्योग और बायोमास में किया जाता है। यह पेड़ 6–8 वर्षों में कटाई के लिए तैयार हो सकता है, इसलिए इसे किसानों के लिए एक लाभदायक वृक्ष फसल माना जाता है।
1. जलवायु और मिट्टी
मालाबार नीम उष्णकटिबंधीय और उपोष्णकटिबंधीय क्षेत्रों में अच्छी तरह बढ़ता है। 20°C से 38°C तापमान उपयुक्त रहता है। अच्छी जल निकासी वाली दोमट, बलुई दोमट या हल्की काली मिट्टी सर्वोत्तम रहती है। जलभराव वाले क्षेत्रों में इसकी खेती नहीं करनी चाहिए।
2. भूमि की तैयारी
खेत की अच्छी तरह जुताई करें और खरपतवार हटा दें। रोपण से पहले 45×45×45 सेंटीमीटर या 60×60×60 सेंटीमीटर आकार के गड्ढे खोदें। प्रत्येक गड्ढे में 10–15 किलोग्राम सड़ी हुई गोबर की खाद मिलाएँ।
3. पौधों का चयन
हमेशा प्रमाणित नर्सरी से स्वस्थ एवं रोगमुक्त पौधे खरीदें। 3–6 महीने पुराने पौधे रोपण के लिए अच्छे माने जाते हैं। पौधों की ऊँचाई सामान्यतः 1–2 फीट होनी चाहिए।
4. रोपण
रोपण का सबसे अच्छा समय जून से अगस्त (मानसून) है।
दूरी का चयन उद्देश्य के अनुसार करें:
लकड़ी उत्पादन हेतु: 3 × 3 मीटर
उच्च घनत्व रोपण: 2 × 2 मीटर
कृषि वानिकी (Agroforestry): 4 × 4 मीटर या अधिक
3 × 3 मीटर दूरी पर लगभग 450–500 पौधे प्रति एकड़ लगाए जा सकते हैं।
5. सिंचाई
रोपण के तुरंत बाद सिंचाई करें। पहले 1–2 वर्षों तक नियमित पानी देना आवश्यक है। गर्मियों में 7–10 दिन के अंतराल पर सिंचाई करें। पौधे स्थापित होने के बाद कम पानी में भी अच्छी वृद्धि करते हैं।
6. खाद एवं उर्वरक
हर वर्ष प्रति पौधा 10–20 किलोग्राम गोबर की खाद दें। शुरुआती वर्षों में संतुलित NPK उर्वरक देने से वृद्धि तेज होती है। जैविक खाद का उपयोग भी किया जा सकता है।
7. खरपतवार नियंत्रण
पहले दो वर्षों तक खरपतवार नियंत्रण बहुत महत्वपूर्ण है। पौधों के आसपास नियमित निराई-गुड़ाई करें। मल्चिंग करने से नमी बनी रहती है और खरपतवार कम उगते हैं।
8. रोग और कीट प्रबंधन
मालाबार नीम में रोग और कीट अपेक्षाकृत कम लगते हैं। फिर भी दीमक और कुछ पत्ती खाने वाले कीट नुकसान पहुँचा सकते हैं। नियमित निगरानी रखें और आवश्यकता पड़ने पर कृषि विशेषज्ञ से सलाह लें।
9. कटाई
मालाबार नीम तेजी से बढ़ने वाला वृक्ष है। सामान्यतः:
4–5 वर्ष में छोटे खंभे और पोल तैयार हो जाते हैं।
6–8 वर्ष में व्यावसायिक लकड़ी के लिए कटाई की जा सकती है।
अच्छी देखभाल में पेड़ 50–70 फीट या उससे अधिक ऊँचाई प्राप्त कर सकता है।
उत्पादन और लाभ
मालाबार नीम की आय मुख्य रूप से लकड़ी की बिक्री से होती है। यदि रोपण से पहले किसी प्लाईवुड या लकड़ी खरीदने वाली कंपनी से अनुबंध या बाजार की जानकारी ले ली जाए तो जोखिम कम हो जाता है। लकड़ी का मूल्य क्षेत्र, गुणवत्ता और बाजार मांग पर निर्भर करता है।
बिहार में खेती के लिए सलाह
बिहार के अधिकांश क्षेत्रों में मालाबार नीम की खेती की जा सकती है, बशर्ते खेत में जलभराव न हो। यदि आपकी भूमि सिंचित है और आप 6–8 वर्ष का इंतजार कर सकते हैं, तो यह कृषि वानिकी (Agroforestry) के लिए एक अच्छा विकल्प हो सकता है। शुरुआती वर्षों में पेड़ों के बीच दालें, सब्जियाँ या अन्य फसलें लेकर अतिरिक्त आय भी प्राप्त की जा सकती है।