G-9 केला खेती 5 दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम
प्रथम दिवस – G-9 केला का परिचय एवं व्यावसायिक महत्व:
प्रशिक्षण के पहले दिन प्रतिभागियों को G-9 (ग्रैंड नाइन) केला किस्म की विशेषताओं, उत्पादन क्षमता, बाजार मांग एवं व्यावसायिक महत्व की जानकारी दी जाएगी। G-9 केले की उन्नत खेती तकनीक, जलवायु एवं मिट्टी की आवश्यकताएँ, उपयुक्त क्षेत्र चयन तथा उच्च गुणवत्ता वाले पौधों के चयन पर विस्तृत चर्चा की जाएगी। साथ ही केले की खेती से आय एवं रोजगार के अवसरों को भी समझाया जाएगा।
द्वितीय दिवस – भूमि तैयारी, पौध रोपण एवं बागवानी प्रबंधन:
दूसरे दिन खेत की तैयारी, गड्ढों का निर्माण, पौधों की दूरी, रोपण विधि तथा पौध स्थापना की वैज्ञानिक तकनीकों का प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रतिभागियों को ऊतक संवर्धित (Tissue Culture) पौधों के लाभ, रोपण का सही समय तथा प्रारंभिक देखभाल के बारे में जानकारी प्रदान की जाएगी। इसके साथ ही ड्रिप सिंचाई एवं मल्चिंग तकनीक के उपयोग पर भी विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा।
तृतीय दिवस – पोषण प्रबंधन एवं सिंचाई तकनीक:
तीसरे दिन केले की फसल में संतुलित पोषण प्रबंधन, उर्वरकों के वैज्ञानिक उपयोग, फर्टिगेशन तकनीक तथा जल प्रबंधन की जानकारी दी जाएगी। प्रतिभागियों को पौधों की वृद्धि बढ़ाने, अधिक उत्पादन प्राप्त करने तथा फसल की गुणवत्ता सुधारने के उपायों का प्रशिक्षण दिया जाएगा। साथ ही सूक्ष्म पोषक तत्वों के महत्व एवं उनके उपयोग की तकनीकों को भी समझाया जाएगा।
चतुर्थ दिवस – कीट एवं रोग प्रबंधन:
चौथे दिन G-9 केले की फसल में लगने वाले प्रमुख कीटों एवं रोगों की पहचान, रोकथाम एवं नियंत्रण के उपायों का प्रशिक्षण दिया जाएगा। एकीकृत कीट एवं रोग प्रबंधन (IPM), जैविक नियंत्रण विधियाँ, स्वच्छता प्रबंधन तथा सुरक्षित कृषि पद्धतियों के उपयोग पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। प्रतिभागियों को फसल की नियमित निगरानी एवं समय पर उपचार की तकनीकों की जानकारी भी दी जाएगी।
पंचम दिवस – कटाई, विपणन एवं उद्यमिता विकास:
पाँचवें दिन केले की कटाई, ग्रेडिंग, पैकेजिंग, भंडारण एवं विपणन की आधुनिक तकनीकों का प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रतिभागियों को मूल्य संवर्धन, प्रसंस्करण, बाजार से जुड़ाव, किसान उत्पादक संगठन (FPO) के माध्यम से विपणन तथा सरकारी योजनाओं एवं वित्तीय सहायता की जानकारी प्रदान की जाएगी। प्रशिक्षण के अंत में परियोजना तैयारी, लागत-लाभ विश्लेषण, मूल्यांकन एवं प्रमाण-पत्र वितरण किया जाएगा ताकि प्रतिभागी G-9 केला खेती को लाभकारी व्यवसाय के रूप में अपनाकर अपनी आय में वृद्धि कर सकें।